श्रीदेवी के वो 10 डॉयलॉग जिसे कोई नहीं भूल सकता है, सुनकर आप भी कहेंगे..भई वाह…!

2 months ago admin 0

इस बात की खबर तो सारे जहां को है कि श्रीदेवी जैसी एक्ट्रेस अब हमारे बीच नहीं रही उनकी मृत्यु को 4 दिन हो चुके है लेकिन दुबई से उनका पार्थिव शरीर कल रात को ही आया है और आज 12.30 बजे तक उनके पति उनके शरीर को पंचत्तव में विलन कर देगे। उनकी अचनाक हुई मृत्यु के बाद पुरा बॉलीवुड सदमें में है और किसी की जिंदगी का कोई भरोसा नहीं है कब किसी की मृत्यु लिखी है कोई नहीं जानता है। किसी ने नहीं सोचा था कि रविवार की सुबाह आखें श्रीदेवी की मृत्यु की खबर सुनकर खुलेगी। कहते जिससे जाना होता है वो चला जाता है बस यादे झोड़ जाता है। श्रीदेवी ने अपने करियर में कई सारी फिल्में की है और उनका काम लोगो को बहुत पंसद आया है।

श्रीदेवी जिस भी पात्र को करती उसमें जान डाल देती थी। बॉलीवुड में उनके कई नाम थे चंदनी और हवा-हवाई इन दोनों नामों से जानता के बीच काफी फेमस हुई थी। उनको उनके फैंस इन दोनों नाम से ही बुलाते थे। आज हम आपको उनकी फिल्मों के बेस्ट 10 डॉयलग बताएंगे। जिसको लोग आजतक नहीं भूल पाए है। और जिन से उनको बॉलीवुड इंडस्ट्री में पहचान मिली थी। उनकी आखरी फिल्म मॉम थी जिसमें उन्होंने अपनी बेहतरीन आदकारी दिखाई थी। श्रीदेवी के यूं अचानक चले जाने के बाद सबको सदमा तो लगा है लेकिन उनकी एक इच्छा अधुरी रह गई। वो अपनी बेटी जाह्नवी की पहली फिल्म देखने की और अपनी बेटी को स्टार बनता देखने की ये इच्छा उनके साथ ही चली गई।

श्रीदेवी के बेस्ट डॉयलग

मॉम – फिल्म का डायलॉग ‘गलत और बहुत गलत में से चुनना हो, तो आप क्या चुनेंगे।

चालबाज– मैं मदिरा नहीं पीती जी….

चांदनी– जब तुम मुझे अपना कहते हो, तो मुझे अपने पर गुरूर आ जाता है।

रामअवतार -प्यार एक जज्बात है जो किया नहीं जाता साहब, यह तो इत्तेफाक से हो जाता है। फूल तो प्यार की निशानी होते है, और खुशबू उसका एहसास।

लम्हे– सभी बड़े होते हैं, लेकिन अपने बड़ों से कोई बड़ा नहीं होता।

आर्मी -लोहे के दरवाजे ताकत से टूटे या न टूटे, लेकिन अकल से खोले जरूर जा सकते हैं।

चांदनी– प्यार हवा का एक झोका है, जो सब कुछ उड़ा कर ले जाता है।

आर्मी -अगर आप लोग मेरा साथ छोड़कर गए…तो जिंदगी आप लोगों का साथ छोड़ देगी।

घर-संसार–  बड़ों के मुंह से निकली हुई गालियां छोटों को दुआ बनकर लगती हैं। ‘जो बड़ों की डांट खा लेता है, वो जिंदगी की ठोकरें नहीं खाता’ जैसे डायलॉग काफी पॉपुलर हुए।

इंग्लिश-विंग्लिश – मर्द खाना बनाए तो कला, और औरत बनाए तो उसका फर्ज।