Chocoklet Day: इन रोमांटिक तरीकों से कहें पार्टनर से दिल की बात

2 months ago Vivek Rai 0

आजकल आमतौर पर यह देखने को मिल जाता है कि अगर किसी को अपने प्यार का इजहार करना हो देता है तो फूलों के साथ चॉकलेट, रूठी गर्लफ्रेंड को मनाना हो तो चॉकलेट, रोते या रूठे बच्चे को हंसाना हो तो चॉकलेट, अपनों के बीच खुशियां शेयर करना हो तो चॉकलेट, खाने के बाद कुछ मीठा खाना हो तो चॉकलेट…देखा  जाये तो बहुत सारे काम की चीज है यह चॉकलेट, तभी तो एक पूरा दिन ही चॉकलेट के नाम कर दिया गया।
आपकों बता दे, कि हर साल 9 फरवरी को हम चॉकलेट डे के रूप में मनाते हैं, जो वेलेंटाइन वीक का एक खास दिन होता है| इस दिन विशेषरूप से प्यार करने वाले एक-दूसरे को चॉकलेट उपहार स्वरूप भेट  कर अपने दिल की बात कहते हैं।

लेकिन जरा सोचि‍ए अगर हमें तीखी चॉकलेट खि‍लाई जाती तो क्या होता? अगर कोई पूछता कि‍ क्या आप चॉकलेट पीना पसंद करेंगे, तब क्या होता..? प्यार का इजहार शायद तब फि‍र कुछ तीखा हो गया होता, और बहुत लोगों को शायद चॉकलेट पसंद भी नहीं होती। चॉकलेट शायद इसीलि‍ए इतनी लजीज है क्यों कि‍ वो स्वीट है, पर आज चॉकलेट के जिस मीठे रूप को हम जानते हैं, शुरु-शुरू में चॉकलेट ऐसी नहीं थी। आइए जानते हैं चॉकलेट के इतिहास के बारे में …

 

 

चॉकलेट आज भले ही पसंदीदा डेजर्ट बन गई हो। लेकिन आपको यह जानकर हैरानी होगी कि पहले इसका स्वाद तीखा होता था। विशेषज्ञों का मानना है कि सबसे पहले चॉकलेट मैक्‍सिको और मध्‍य अमेरिका में ही बनाई गई थी। इसमें कोको बीज को पीसकर मिर्च और वनीला जैसे मसाले मिलाए जाते थे और ड्रिंक तैयार की डाती थी। एक तरफ जहां अमेरिका में लोग तीखे चॉकलेट का सेवन करते थे, वहीं यूरोप ने इसे मिठास दी। यूरोप में लोगों ने कोको बीन्स में शक्कर और दूध डालकर जमाया और एक लजीज डेजर्ट तैयार की गई।